आरती के प्रकार

- भस्मार्चन आरती:
- सुबह के समय की जाती है।
- शिवलिंग पर भस्म अर्पित किया जाता है।
- भक्त भस्म और पंचामृत से अभिषेक करते हैं।
- संध्या आरती:
- शाम को दीपक और घी के दीपक से आरती।
- मंदिर के मुख्य हॉल में भव्य रूप से कीर्तन और मंत्र उच्चारण।
🌟 आरती की विधि
- भक्त मंदिर के मुख्य प्रवेश से प्रवेश करते हैं।
- शिवलिंग के सामने दीपक और धूप रखते हैं।
- भजन और मंत्र जैसे:
- “ॐ जय महाकालाय नमः”
- “ॐ त्र्यम्बकाय नमः”
का उच्चारण करते हैं।
- भक्त घी का दीपक और कपूर घुमाकर आरती करते हैं।
- आरती के समय मंदिर में भजन, कीर्तन और घंटियाँ बजती हैं।
- अंत में प्रसाद (फल, मिठाई या पंचामृत) वितरण किया जाता है।
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🌟 आरती का महत्व
- भगवान महाकाल की कृपा और संरक्षण का अनुभव।
- भस्मार्चन से पाप नाश और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- भक्तों के मन और आत्मा को शांति और स्फूर्ति मिलती है।